आशुतोष कुमार तिवारी
लखीमपुर खीरी जिले में जीएसटी चोरी का बड़ा भंडाफोड़ करते हुए साइबर पुलिस ने फर्जी बिलिंग गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 30 से अधिक फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़प ली। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में दीपक सिंह (टिहुकी रामनगर, बाराबंकी), अंकित त्रिवेदी (बेहटा तंबौर, सीतापुर), धर्मेंद्र (गौरिया कला, कोतवाली देहात सीतापुर) और राजू (मिर्जापुर, ईसानगर, खीरी) शामिल हैं। यह गैंग फर्जी फर्मों के नाम पर बिल बेचता था, फर्जी ई-वे बिल तैयार करता था और फिर आईटीसी क्लेम कर करोड़ों का अवैध मुनाफा कमाता था। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने सुनियोजित तरीके से 30 से ज्यादा फर्में खड़ी कीं और इनके जरिए बड़े स्तर पर टैक्स चोरी को अंजाम दिया। इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। साथ ही उन व्यापारियों की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने इन फर्जी बिलों को खरीदकर लाभ उठाया।
साइबर थाना प्रभारी हेमंत राय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक आशीष सहरावत और तनवीर अहमद की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।








