Home » Uncategorized » ओवरलोड गन्ना ट्रकों का खूनी तांडव

ओवरलोड गन्ना ट्रकों का खूनी तांडव

Share:

 

 

ओयल पुलिस चौकी के सामने कुचली गई ज़िंदगी

 

परिवहन विभाग की लापरवाही से लखीमपुर की सड़कें बनीं कब्रगाह

 

­ राहुल कुमार 

लखीमपुर खीरी।

गन्ना सीजन आते ही परिवहन विभाग और पुलिस तंत्र की कथित मिलीभगत ने लखीमपुर खीरी को खुलेआम मौत का ज़ोन बना दिया है। ओवरलोड गन्ना ट्रक बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं और आम नागरिकों की जान कुचल रहे हैं।

ताज़ा मामला थाना खीरी क्षेत्र के ओयल कस्बे का है, जहां ओयल पुलिस चौकी के ठीक सामने, पिंक शौचालय के पास, गन्ने से लदा एक भारी ओवरलोड ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया।

 हादसा इतना भीषण था कि ट्रक एक ट्रैक्टर के ऊपर पलट गया और ट्रैक्टर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। पन्यौरा गांव निवासी कुलदीप कुमार अपना ट्रैक्टर ठीक कराने के लिए ओयल आए थे। वह पुलिस चौकी के निकट एक मिस्त्री की दुकान पर ट्रैक्टर बनवा रहे थे। उसी दौरान तेज रफ्तार ओवरलोड गन्ना ट्रक ने पहले ट्रैक्टर को टक्कर मारी, फिर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक बाइक सवार को कुचल दिया। बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुलदीप और मिस्त्री मोहित गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर के कई टुकड़े हो गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते भारी भीड़ जुट गई। लखीमपुर–सीतापुर मार्ग पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही ओयल पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को ई-रिक्शा के माध्यम से जिला अस्पताल ओयल/मोतीपुर भिजवाया गया। वहीं हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

हादसे की चपेट में सड़क किनारे खड़ी एक कार भी आ गई, जिसके पचक्के उड़ गए। वहीं बाइक से गुजर रहे सहनियापुर, हरगांव (सीतापुर) निवासी दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।

लखीमपुर–सीतापुर मार्ग पर अफरा-तफरी मच गई, लंबा जाम लग गया, चीख-पुकार गूंजती रही—

लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग का सिस्टम खामोश बना रहा।

— सबूत फिर भी कम?

यह कोई पहली घटना नहीं है।

सिर्फ एक दिन पहले मोहम्मदी–पुवाया रोड पर ओवरलोड गन्ना ट्रक पलटा था—

स्कूली वैन गन्ने के नीचे दब गई

मासूम बच्चे मौत के मुंह से निकाले गए

जेसीबी से गन्ना हटाया गया

और मामला “बाल-बाल बच गए” कहकर दबा दिया गया

आज उसी लापरवाही ने अंकुश की जान ले ली।

स्थानीय लोगों के आरोप बेहद गंभीर हैं—

गन्ना सीजन शुरू होते ही चेकिंग पूरी तरह बंद?

ओवरलोडिंग को खुली छूट?

परमिट, फिटनेस और वजन नियम सिर्फ कागजों में?

चालान नहीं, लेकिन वसूली बेरोक-टोक?

क्या यही वजह है कि गन्ना ट्रक अब लाशें बिछा रहे हैं?

 

घटना की सूचना पर सदर विधायक योगेश वर्मा, और थानाध्यक्ष खीरी मौके पर पहुंचे। हालात देखे गए—

लेकिन जनता के सवाल अब भी हवा में हैं—

क्या परिवहन विभाग के जिम्मेदार अफसरों पर एफआईआर होगी?

क्या ओवरलोडिंग को संरक्षण देने वालों के नाम सार्वजनिक होंगे?

या यह मामला भी “रूटीन सड़क हादसा” बनाकर फाइलों में दफन कर दिया जाएगा?

 

जब पुलिस चौकी के सामने मौत हो सकती है, जब बच्चे और नौजवान कुचले जा सकते हैं,

तो साफ है—

लखीमपुर की सड़कें नहीं,

पूरा सिस्टम जानलेवा बन चुका है।

 

पुलिस चौकी प्रभारी पटेल राठी ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है और दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ट्रक चालक की तलाश में जुटी है।

Leave a Comment